UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न एवं उत्तर – हिंदी
आपदा प्रबंधन और भविष्य की रणनीतियाँ – पेज 5
आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाएँ, तकनीकी तैयारी, सतत विकास और भविष्य की रणनीतियों से जुड़े महत्वपूर्ण UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न एवं विश्लेषणात्मक उत्तर।
प्रश्न 1.
भारत में आपदा प्रबंधन की प्रमुख चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर:
भारत भौगोलिक और जलवायु दृष्टि से विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा, चक्रवात, भूकंप और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील देश है। जलवायु परिवर्तन के कारण इन आपदाओं की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ रही है।
मुख्य चुनौतियाँ
- तेजी से बढ़ता शहरीकरण
- अपर्याप्त अवसंरचना
- जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
- पूर्व चेतावनी प्रणाली की सीमाएँ
- जनसंख्या घनत्व और संसाधन दबाव
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
- मानव जीवन की हानि
- कृषि और उद्योग को नुकसान
- आर्थिक विकास प्रभावित
- विस्थापन और गरीबी में वृद्धि
- स्वास्थ्य संकट
प्रश्न 2.
आपदा प्रबंधन में तकनीक और डिजिटल प्रणालियों की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणालियाँ आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी और त्वरित बना रही हैं। AI, उपग्रह प्रणाली और डेटा विश्लेषण आपदा पूर्वानुमान और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्य तकनीकी उपयोग
- उपग्रह निगरानी प्रणाली
- मौसम पूर्वानुमान तकनीक
- AI आधारित डेटा विश्लेषण
- डिजिटल संचार नेटवर्क
- आपदा चेतावनी मोबाइल प्रणाली
लाभ
- तेज राहत और बचाव कार्य
- सटीक पूर्वानुमान
- जीवन और संपत्ति की सुरक्षा
- बेहतर समन्वय
- जोखिम प्रबंधन क्षमता में वृद्धि
प्रश्न 3.
“सतत विकास और आपदा प्रबंधन एक-दूसरे के पूरक हैं।” विश्लेषण कीजिए।
उत्तर:
सतत विकास का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना है, जबकि आपदा प्रबंधन का उद्देश्य जोखिमों को कम करना और मानव जीवन की सुरक्षा करना है।
दोनों के बीच संबंध
- पर्यावरण संरक्षण से आपदाओं का जोखिम कम होता है
- सतत शहरी विकास आपदा जोखिम घटाता है
- हरित अवसंरचना बेहतर सुरक्षा प्रदान करती है
- जल संरक्षण सूखा प्रबंधन में सहायक है
- जलवायु अनुकूल नीतियाँ दीर्घकालिक समाधान देती हैं
भारत की प्रमुख पहल
- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA)
- स्मार्ट सिटी मिशन
- राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना
- ग्रीन एनर्जी मिशन
- आपदा पूर्व चेतावनी कार्यक्रम
निष्कर्ष
सतत विकास और प्रभावी आपदा प्रबंधन के माध्यम से ही सुरक्षित, संतुलित और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
त्वरित पुनरावृत्ति बिंदु
- भारत विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील है।
- जलवायु परिवर्तन आपदाओं की तीव्रता बढ़ा रहा है।
- तकनीक आपदा प्रबंधन को प्रभावी बनाती है।
- सतत विकास और आपदा प्रबंधन परस्पर जुड़े हैं।
- पूर्व चेतावनी और हरित विकास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
UPSC मुख्य शब्द
- आपदा प्रबंधन
- जलवायु परिवर्तन
- पूर्व चेतावनी प्रणाली
- सतत विकास
- हरित अवसंरचना
- जोखिम प्रबंधन
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UPSC Mains • Disaster Management • Climate Change • Sustainable Development
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