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UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न एवं उत्तर – हिंदी | वैश्विक जलवायु शासन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग | पेज 3

 

UPSC Mains Hindi Climate Governance

UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न एवं उत्तर – हिंदी

वैश्विक जलवायु शासन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग – पेज 3

वैश्विक जलवायु शासन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, जलवायु समझौते, पर्यावरणीय कूटनीति और सतत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न एवं विश्लेषणात्मक उत्तर।


प्रश्न 1.

वैश्विक जलवायु शासन (Global Climate Governance) से आप क्या समझते हैं? जलवायु परिवर्तन से निपटने में इसकी भूमिका स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

वैश्विक जलवायु शासन का अर्थ विभिन्न देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संस्थाओं के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सामूहिक नीतियों और कार्य योजनाओं का निर्माण करना है।

मुख्य उद्देश्य

  • कार्बन उत्सर्जन में कमी
  • पर्यावरण संरक्षण
  • सतत विकास को बढ़ावा
  • जलवायु वित्त और तकनीकी सहयोग
  • वैश्विक तापमान वृद्धि को नियंत्रित करना

मुख्य संस्थाएँ और पहल

  • संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (UNFCCC)
  • पेरिस जलवायु समझौता
  • IPCC रिपोर्ट
  • COP सम्मेलन
  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन

निष्कर्ष

जलवायु परिवर्तन वैश्विक समस्या है, इसलिए इसके समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझा जिम्मेदारी आवश्यक है।


प्रश्न 2.

पेरिस जलवायु समझौते (Paris Climate Agreement) की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

पेरिस जलवायु समझौता वर्ष 2015 में आयोजित COP-21 सम्मेलन में अपनाया गया एक महत्वपूर्ण वैश्विक समझौता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक तापमान वृद्धि को नियंत्रित करना है।

मुख्य विशेषताएँ

  • वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से नीचे रखना
  • कार्बन उत्सर्जन में कमी
  • राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs)
  • विकासशील देशों को वित्तीय सहायता
  • स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा

महत्व

  • वैश्विक पर्यावरण संरक्षण
  • हरित विकास को बढ़ावा
  • जलवायु न्याय की अवधारणा
  • सतत विकास लक्ष्य प्राप्ति

प्रश्न 3.

जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में भारत की भूमिका और पहल का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर:

भारत जलवायु परिवर्तन से प्रभावित प्रमुख देशों में से एक है, लेकिन साथ ही वह वैश्विक जलवायु समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

भारत की प्रमुख पहल

  • राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना
  • राष्ट्रीय सौर मिशन
  • हरित हाइड्रोजन मिशन
  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन
  • नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार

भारत के समक्ष चुनौतियाँ

  • ऊर्जा मांग में वृद्धि
  • गरीबी और विकास की चुनौतियाँ
  • जल संकट
  • प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि
  • कृषि क्षेत्र पर प्रभाव

निष्कर्ष

भारत “सतत विकास” और “जलवायु न्याय” के सिद्धांतों के माध्यम से वैश्विक जलवायु नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


त्वरित पुनरावृत्ति बिंदु

  • वैश्विक जलवायु शासन अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर आधारित है।
  • पेरिस समझौता जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध महत्वपूर्ण कदम है।
  • भारत हरित विकास और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है।
  • जलवायु न्याय विकासशील देशों के लिए महत्वपूर्ण है।
  • सतत विकास वैश्विक आवश्यकता बन चुका है।

UPSC मुख्य शब्द

  • वैश्विक जलवायु शासन
  • पेरिस समझौता
  • UNFCCC
  • जलवायु न्याय
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग
  • सतत विकास

Global Climate Governance Hindi

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