विश्व घासभूमि – विस्तृत व्याख्या (UPSC Geography)
अवधारणा स्पष्टता | प्रारंभिक + मुख्य परीक्षा हेतु
परिचय
घासभूमियाँ वे क्षेत्र हैं जहाँ घास प्रमुख वनस्पति होती है और पेड़ों की संख्या बहुत कम होती है। यह मुख्यतः उन क्षेत्रों में पाई जाती हैं जहाँ वर्षा मध्यम होती है और जलवायु घने जंगलों के विकास के लिए पर्याप्त नहीं होती।
1. उष्णकटिबंधीय घासभूमि (Savanna)
उष्णकटिबंधीय घासभूमियाँ भूमध्यरेखा के आसपास के क्षेत्रों में पाई जाती हैं। यहाँ तापमान अधिक होता है और वर्षा मौसमी होती है।
- अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में प्रमुख रूप से पाई जाती हैं
- ऊँची घास और छिटपुट पेड़
- वन्यजीवों की अधिकता (शेर, हाथी, ज़ेब्रा)
- स्पष्ट गीला और सूखा मौसम
2. समशीतोष्ण घासभूमि
समशीतोष्ण घासभूमियाँ मध्य अक्षांशों में पाई जाती हैं और यहाँ की जलवायु अपेक्षाकृत ठंडी होती है।
- Prairies: उत्तरी अमेरिका
- Steppes: यूरेशिया
- Pampas: अर्जेंटीना
- Veld: दक्षिण अफ्रीका
- Downs: ऑस्ट्रेलिया
ये क्षेत्र अत्यधिक उपजाऊ होते हैं और इन्हें विश्व का "अन्न भंडार" कहा जाता है।
जलवायु विशेषताएँ
- वार्षिक वर्षा: 25–75 सेमी
- गर्म ग्रीष्म और ठंडी सर्दियाँ (समशीतोष्ण क्षेत्रों में)
- मौसमी वर्षा (उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में)
मृदा (Soil)
समशीतोष्ण घासभूमियों में पाई जाने वाली मृदा को चेरनोज़ेम (Chernozem) कहा जाता है, जो अत्यधिक उपजाऊ होती है और कृषि के लिए उपयुक्त होती है।
आर्थिक महत्व
- गेहूँ उत्पादन (Prairies)
- पशुपालन (Pampas, Downs)
- निर्यात आधारित कृषि
जैव विविधता
- शाकाहारी जीव (बाइसन, एंटीलोप)
- मांसाहारी जीव (शेर, भेड़िए)
- प्राकृतिक संतुलन बनाए रखते हैं
मुख्य समस्याएँ
- अत्यधिक चराई
- भूमि का क्षरण
- जलवायु परिवर्तन
- मानव गतिविधियाँ
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- Prairies → गेहूँ उत्पादन
- Pampas → पशुपालन
- Steppes → शुष्क घासभूमि
- Veld → मिश्रित कृषि
- Downs → भेड़ पालन
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