पेज 5 – दैनिक समसामयिकी
दिनांक: 26 जून 2026
भाग 1 – दैनिक समसामयिकी
1. सहकारी संघवाद को बढ़ावा
केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय, नीति निर्माण में सहयोग तथा संयुक्त विकास कार्यक्रमों के माध्यम से सहकारी संघवाद को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। इससे संतुलित क्षेत्रीय विकास एवं प्रभावी शासन को बढ़ावा मिलता है।
• भारतीय राजव्यवस्था
• शासन (Governance)
• केंद्र–राज्य संबंध
2. हरित ऊर्जा एवं सतत विकास
भारत सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसी स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा सतत आर्थिक विकास को गति दे रहा है।
• पर्यावरण
• नवीकरणीय ऊर्जा
• जलवायु परिवर्तन
3. सार्वजनिक प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने तथा डेटा-आधारित नीति निर्माण को सशक्त करने के लिए तेजी से बढ़ रहा है।
• विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
• ई-गवर्नेंस
• डिजिटल परिवर्तन
4. ब्लू इकोनॉमी एवं तटीय विकास
समुद्री संसाधनों का सतत उपयोग, बंदरगाहों का आधुनिकीकरण तथा तटीय क्षेत्रों का विकास भारत की ब्लू इकोनॉमी रणनीति के प्रमुख आधार हैं।
• अर्थव्यवस्था
• समुद्री सुरक्षा
• सतत विकास
5. कौशल विकास एवं भविष्य की अर्थव्यवस्था
डिजिटल कौशल, तकनीकी शिक्षा तथा नवाचार को बढ़ावा देकर युवाओं को भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जिससे ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
• मानव संसाधन विकास
• रोजगार
• समावेशी विकास
भाग 2 – विशेष विषय
भारतीय संघीय व्यवस्था (Indian Federal System)
भारत में संघीय शासन व्यवस्था अपनाई गई है, जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच संविधान द्वारा शक्तियों का विभाजन किया गया है। भारतीय संघवाद की विशेषता यह है कि यह राष्ट्रीय एकता बनाए रखते हुए राज्यों को पर्याप्त स्वायत्तता प्रदान करता है। इसलिए भारत को प्रायः "मजबूत केंद्र वाला संघीय राज्य" कहा जाता है।
संघवाद (Federalism) क्या है?
संघवाद ऐसी शासन व्यवस्था है जिसमें शासन की शक्तियाँ संविधान के अनुसार केंद्र और राज्यों के बीच विभाजित होती हैं। दोनों स्तर की सरकारें अपने अधिकार सीधे संविधान से प्राप्त करती हैं।
भारतीय संघीय व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ
- लिखित संविधान।
- संविधान की सर्वोच्चता।
- केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन।
- स्वतंत्र न्यायपालिका।
- संसद में द्विसदनीय व्यवस्था।
- एकल नागरिकता।
- मजबूत केंद्र के साथ संघीय ढाँचा।
केंद्र–राज्य संबंध
| संबंध का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| विधायी संबंध | सातवीं अनुसूची के अंतर्गत संघ सूची, राज्य सूची एवं समवर्ती सूची के माध्यम से शक्तियों का विभाजन। |
| प्रशासनिक संबंध | केंद्र और राज्यों के बीच प्रशासनिक समन्वय एवं सहयोग। |
| वित्तीय संबंध | करों, अनुदानों एवं वित्तीय संसाधनों का संवैधानिक वितरण। |
सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism)
सहकारी संघवाद का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच सहयोग, समन्वय तथा साझा उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना है। जीएसटी परिषद (GST Council) और नीति आयोग (NITI Aayog) इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
UPSC के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- अनुच्छेद 245–263 – केंद्र–राज्य संबंध।
- सातवीं अनुसूची – संघ, राज्य एवं समवर्ती सूची।
- अंतर-राज्य परिषद (Inter-State Council)।
- वित्त आयोग (Finance Commission)।
- GST परिषद।
- सहकारी एवं प्रतिस्पर्धी संघवाद।
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- भारत एक मजबूत केंद्र वाला संघीय देश है।
- सातवीं अनुसूची में शक्तियों का विभाजन किया गया है।
- अनुच्छेद 245–263 केंद्र–राज्य संबंधों से संबंधित हैं।
- वित्त आयोग संसाधनों के वितरण की अनुशंसा करता है।
- GST परिषद सहकारी संघवाद का प्रमुख उदाहरण है।
भाग 3 – UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न एवं मॉडल उत्तर
प्रश्न 1 (10 अंक)
"भारतीय संघीय व्यवस्था की प्रमुख विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।"
मॉडल उत्तर
परिचय:
भारतीय संविधान ने एक ऐसी संघीय शासन व्यवस्था स्थापित की है जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का संवैधानिक विभाजन किया गया है। भारतीय संघवाद राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय स्वायत्तता के बीच संतुलन स्थापित करता है।
भारतीय संघीय व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ:
- लिखित संविधान।
- संविधान की सर्वोच्चता।
- सातवीं अनुसूची के माध्यम से शक्तियों का विभाजन।
- स्वतंत्र न्यायपालिका।
- द्विसदनीय संसद।
- एकल नागरिकता।
- मजबूत केंद्र के साथ संघीय ढाँचा।
चुनौतियाँ:
- अंतर-राज्यीय जल विवाद।
- वित्तीय असंतुलन।
- क्षेत्रीय विकास में असमानता।
- प्रशासनिक समन्वय की चुनौतियाँ।
आगे की राह:
- केंद्र–राज्य सहयोग को और मजबूत करना।
- सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना।
- वित्तीय संघवाद को सुदृढ़ करना।
- संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को प्रभावी बनाना।
निष्कर्ष:
भारतीय संघीय व्यवस्था राष्ट्रीय एकता और राज्यों की स्वायत्तता के बीच संतुलन स्थापित करती है। प्रभावी सहयोग और संवैधानिक मूल्यों का पालन इसके सफल संचालन के लिए आवश्यक है।
प्रश्न 2 (15 अंक)
"भारत में सुशासन एवं समावेशी विकास को सुदृढ़ करने में सहकारी संघवाद के महत्व का मूल्यांकन कीजिए।"
मॉडल उत्तर
परिचय:
सहकारी संघवाद का अर्थ है कि केंद्र और राज्य सरकारें संवैधानिक सीमाओं का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय विकास के साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सहयोगपूर्वक कार्य करें।
महत्व:
- नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करता है।
- संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देता है।
- केंद्र एवं राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करता है।
- संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करता है।
- राष्ट्रीय एकता एवं संघीय मूल्यों को सुदृढ़ करता है।
उदाहरण:
- GST परिषद।
- नीति आयोग।
- आपदा प्रबंधन में केंद्र–राज्य समन्वय।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं शिक्षा कार्यक्रम।
चुनौतियाँ:
- राज्यों की वित्तीय सीमाएँ।
- राजनीतिक मतभेद।
- अंतर-राज्यीय विवाद।
- योजनाओं के क्रियान्वयन में असमानता।
सुझाव:
- अंतर-राज्य परिषद को अधिक सक्रिय बनाना।
- नियमित केंद्र–राज्य संवाद को बढ़ावा देना।
- वित्तीय संसाधनों के पारदर्शी वितरण को सुनिश्चित करना।
- साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को प्रोत्साहित करना।
निष्कर्ष:
सहकारी संघवाद भारत के लोकतांत्रिक एवं संघीय ढाँचे को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। केंद्र और राज्यों के बीच प्रभावी सहयोग से समावेशी विकास और सुशासन को नई दिशा मिलती है।
UPSC उत्तर लेखन सुझाव
- उत्तर की शुरुआत संघवाद की संवैधानिक परिभाषा से करें।
- अनुच्छेद 245–263 तथा सातवीं अनुसूची का उल्लेख करें।
- शीर्षकों एवं बिंदुओं का स्पष्ट उपयोग करें।
- GST परिषद एवं नीति आयोग जैसे उदाहरण शामिल करें।
- उत्तर में उपलब्धियों और चुनौतियों दोनों का संतुलित विश्लेषण करें।
- निष्कर्ष संविधान एवं सहकारी संघवाद के दृष्टिकोण से दें।
भाग 4 – UPSC प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) MCQs
प्रश्न 1
भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची किससे संबंधित है?
- मौलिक अधिकार
- राज्य के नीति निदेशक तत्व
- केंद्र एवं राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का विभाजन
- आपातकालीन उपबंध
प्रश्न 2
भारतीय संविधान के कौन-से अनुच्छेद मुख्य रूप से केंद्र–राज्य संबंधों से संबंधित हैं?
- अनुच्छेद 12–35
- अनुच्छेद 52–78
- अनुच्छेद 245–263
- अनुच्छेद 324–329
प्रश्न 3
GST परिषद निम्नलिखित में से किसका प्रमुख उदाहरण है?
- न्यायिक पुनरावलोकन
- सहकारी संघवाद
- आपातकालीन प्रशासन
- एकात्मक शासन
प्रश्न 4
वित्त आयोग (Finance Commission) का प्रमुख कार्य क्या है?
- चुनाव कराना
- केंद्र एवं राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण की अनुशंसा करना
- राष्ट्रीय कानून बनाना
- राज्यपालों की नियुक्ति करना
प्रश्न 5
भारत को सामान्यतः किस रूप में वर्णित किया जाता है?
- पूर्णतः एकात्मक राज्य
- कमज़ोर केंद्र वाला संघ
- मजबूत केंद्र वाला संघीय राज्य
- राष्ट्रपति प्रणाली वाला संघ
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- सातवीं अनुसूची में संघ सूची, राज्य सूची एवं समवर्ती सूची शामिल हैं।
- अनुच्छेद 245–263 केंद्र–राज्य संबंधों से संबंधित हैं।
- वित्त आयोग वित्तीय संसाधनों के वितरण की अनुशंसा करता है।
- GST परिषद सहकारी संघवाद का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
- भारत एक मजबूत केंद्र वाला संघीय राज्य है।
- सहकारी संघवाद सुशासन एवं संतुलित विकास को सुदृढ़ करता है।
आज की प्रेरणा
"सहयोग से विकास होता है।
निरंतर अध्ययन से ज्ञान बढ़ता है।
अनुशासन और समर्पण सफलता की पहचान हैं।"
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