Shaktimatha Learning हिन्दी UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न एवं उत्तर 2026: पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास – हरित विकास, पर्यावरणीय सुरक्षा एवं भविष्य की चुनौतियाँ | पृष्ठ 2

 

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हिन्दी UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न एवं उत्तर 2026

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पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास

पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का प्रबंधन तथा सतत विकास के सिद्धांत आधुनिक शासन और मानव कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न

जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों के संदर्भ में सतत विकास की अवधारणा का विश्लेषण कीजिए। भारत के लिए इसके महत्व तथा संभावित समाधान प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)

परिचय

सतत विकास का अर्थ वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए भविष्य की पीढ़ियों के संसाधनों और अवसरों को सुरक्षित रखना है। पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन इसकी मूल भावना है।

मुख्य विश्लेषण

• जलवायु परिवर्तन कृषि, जल संसाधनों और मानव जीवन को प्रभावित करता है।

• जैव विविधता संरक्षण पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखता है।

• स्वच्छ ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी पर्यावरणीय दबाव कम कर सकती हैं।

• जनभागीदारी और स्थानीय पहल पर्यावरण संरक्षण को प्रभावी बनाती हैं।

• सतत विकास आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय प्रगति को संतुलित करता है।

चुनौतियाँ

• प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव

• प्रदूषण और जलवायु जोखिम

• संसाधनों का असंतुलित उपयोग

• पर्यावरणीय जागरूकता की कमी

आगे की राह

हरित विकास, पर्यावरण शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, टिकाऊ कृषि, स्वच्छ ऊर्जा तथा सामुदायिक सहभागिता सतत विकास के लक्ष्यों को मजबूत बना सकते हैं।

निष्कर्ष

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। संतुलित नीतियाँ, जिम्मेदार नागरिकता और नवाचार आधारित समाधान मानव तथा प्रकृति दोनों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।

त्वरित पुनरावृत्ति

• पर्यावरण संरक्षण

• जलवायु परिवर्तन

• सतत विकास

• हरित प्रौद्योगिकी

• जैव विविधता

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