Shaktimatha Learning | हिंदी डेली करेंट अफेयर्स 2026 | लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013, भ्रष्टाचार निरोधक तंत्र, केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC), नैतिक प्रशासन एवं सुशासन | Daily Current Affairs | Special Topic | UPSC Mains Questions & Model Answers | UPSC Prelims MCQs | Page 4

 

Shaktimatha Learning – हिंदी डेली करेंट अफेयर्स 2026

पेज 4 – भाग 1

GS Paper II | सुशासन • भ्रष्टाचार निरोध • नैतिक प्रशासन

भाग 1 – डेली करेंट अफेयर्स

1. सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता को बढ़ावा

सरकारें डिजिटल प्रणालियों, प्रभावी निगरानी तथा संस्थागत सुधारों के माध्यम से सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता को मजबूत बना रही हैं।

UPSC Focus
  • Transparency
  • Good Governance
  • Public Accountability

2. भ्रष्टाचार निरोधक संस्थाओं की भूमिका

लोकपाल, लोकायुक्त तथा अन्य निगरानी संस्थाएँ प्रशासनिक ईमानदारी एवं जवाबदेही को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

UPSC Focus
  • Lokpal
  • Anti-Corruption Institutions
  • Institutional Reforms

3. डिजिटल सतर्कता प्रणाली

ई-प्रोक्योरमेंट, डिजिटल ऑडिट तथा ऑनलाइन निगरानी प्रणाली भ्रष्टाचार को कम करने और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने में सहायक हैं।

UPSC Focus
  • Digital Governance
  • Digital Audit
  • Financial Transparency

4. लोक सेवा में नैतिक मूल्यों का महत्व

ईमानदारी, निष्पक्षता और उत्तरदायित्व प्रभावी एवं विश्वसनीय सार्वजनिक प्रशासन के प्रमुख आधार हैं।

UPSC Focus
  • Integrity
  • Ethics
  • Public Service Values

5. उत्तरदायी शासन से बढ़ता जनविश्वास

पारदर्शी प्रशासन एवं प्रभावी भ्रष्टाचार-निरोधक तंत्र लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत करते हैं।

UPSC Focus
  • Citizen Trust
  • Responsible Governance
  • Democratic Institutions

मुख्य शब्द

  • Lokpal – राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक लोकपाल संस्था।
  • Lokayukta – राज्य स्तरीय भ्रष्टाचार निरोधक संस्था।
  • CVC – केंद्रीय सतर्कता आयोग।
  • Integrity – ईमानदारी एवं नैतिकता।
  • Accountability – जवाबदेही।

30-सेकंड पुनरावृत्ति

✅ पारदर्शिता सुशासन का आधार है।

✅ लोकपाल भ्रष्टाचार के विरुद्ध महत्वपूर्ण संस्था है।

✅ CVC सतर्कता एवं ईमानदारी को बढ़ावा देता है।

✅ नैतिक प्रशासन जनता का विश्वास बढ़ाता है।

✅ यह विषय UPSC GS Paper-II के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

आज की प्रेरणा

"ईमानदार प्रशासन ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।"

भाग 2 – विशेष विषय

लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 (Lokpal and Lokayuktas Act, 2013)

लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 का उद्देश्य सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार की रोकथाम, लोक सेवकों की जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा प्रशासन में पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है।

इस अधिनियम के अंतर्गत केंद्र स्तर पर लोकपाल तथा राज्यों में लोकायुक्त की व्यवस्था की गई है, ताकि भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जा सके।

मुख्य उद्देश्य

  • भ्रष्टाचार की रोकथाम करना।
  • लोक सेवकों की जवाबदेही सुनिश्चित करना।
  • पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन को बढ़ावा देना।
  • जनता के विश्वास को सुदृढ़ करना।
  • सुशासन एवं नैतिक प्रशासन को प्रोत्साहित करना।

अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ

विषय विवरण
अधिनियम Lokpal and Lokayuktas Act, 2013
लोकपाल राष्ट्रीय स्तर की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था
लोकायुक्त राज्य स्तर की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था
मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जाँच
प्रमुख सिद्धांत पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नैतिक प्रशासन

महत्त्व

  • भ्रष्टाचार नियंत्रण में सहायता करता है।
  • लोक सेवकों की जवाबदेही बढ़ाता है।
  • लोक प्रशासन में पारदर्शिता को मजबूत करता है।
  • जनता का सरकारी संस्थाओं पर विश्वास बढ़ाता है।
  • सुशासन एवं विधि के शासन को सुदृढ़ करता है।

मुख्य चुनौतियाँ

  • जाँच प्रक्रिया में विलंब।
  • संस्थागत समन्वय की कमी।
  • रिक्त पदों की समस्या।
  • जन-जागरूकता का अभाव।
  • डिजिटल एवं वित्तीय अपराधों की बढ़ती जटिलता।

आगे की राह (Way Forward)

  • लोकपाल एवं लोकायुक्त संस्थाओं को अधिक सशक्त बनाना।
  • जाँच प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना।
  • डिजिटल सतर्कता एवं ई-गवर्नेंस का विस्तार करना।
  • नैतिक प्रशासन को बढ़ावा देना।
  • जन-जागरूकता एवं संस्थागत क्षमता में वृद्धि करना।

संबंधित संस्थाएँ

  • लोकपाल (Lokpal)
  • लोकायुक्त (Lokayukta)
  • केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC)
  • केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988

UPSC Focus

GS Paper II
  • Lokpal and Lokayuktas Act, 2013
  • Anti-Corruption Institutions
  • Central Vigilance Commission (CVC)
  • Ethical Governance
  • Transparency & Accountability
  • Administrative Reforms

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु

  • लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम वर्ष 2013 में पारित हुआ।
  • लोकपाल राष्ट्रीय स्तर तथा लोकायुक्त राज्य स्तर पर कार्य करते हैं।
  • CVC सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-निरोधक व्यवस्था में महत्वपूर्ण संस्था है।
  • यह विषय GS Paper-II, GS Paper-IV, Essay तथा Interview के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

30-सेकंड पुनरावृत्ति

  • Lokpal & Lokayuktas Act → 2013.
  • लोकपाल → राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक संस्था।
  • लोकायुक्त → राज्य स्तरीय भ्रष्टाचार निरोधक संस्था।
  • CVC → केंद्रीय सतर्कता आयोग।
  • पारदर्शिता + जवाबदेही + नैतिक प्रशासन = सुशासन।

भाग 3 – UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न एवं मॉडल उत्तर

प्रश्न 1 (10 अंक)

"लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 भारत में पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।" स्पष्ट कीजिए।

मॉडल उत्तर

परिचय

लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार की रोकथाम तथा लोक सेवकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। यह सुशासन और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

महत्त्व

  • भ्रष्टाचार नियंत्रण को संस्थागत आधार प्रदान करता है।
  • लोक सेवकों की जवाबदेही बढ़ाता है।
  • प्रशासन में पारदर्शिता को सुदृढ़ करता है।
  • जनता का शासन पर विश्वास बढ़ाता है।
  • सुशासन एवं विधि के शासन को मजबूत करता है।

निष्कर्ष

लोकपाल एवं लोकायुक्त व्यवस्था तभी प्रभावी होगी जब उसे स्वतंत्रता, पर्याप्त संसाधन तथा समयबद्ध जाँच प्रणाली का समर्थन प्राप्त हो।

प्रश्न 2 (15 अंक)

भारत में भ्रष्टाचार नियंत्रण की दृष्टि से लोकपाल, लोकायुक्त तथा केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।

मॉडल उत्तर

परिचय

भारत में भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए अनेक संस्थागत व्यवस्थाएँ विकसित की गई हैं। इनमें लोकपाल, लोकायुक्त तथा केंद्रीय सतर्कता आयोग प्रमुख हैं।

भूमिका

  • भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जाँच।
  • लोक सेवकों की जवाबदेही सुनिश्चित करना।
  • सतर्कता एवं नैतिक प्रशासन को बढ़ावा देना।
  • प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करना।
  • जनहित एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना।

चुनौतियाँ

  • जाँच में विलंब।
  • संस्थागत समन्वय की कमी।
  • रिक्त पद एवं सीमित संसाधन।
  • बढ़ते डिजिटल एवं वित्तीय अपराध।
  • जन-जागरूकता की कमी।

आगे की राह

  • संस्थाओं की स्वतंत्रता एवं क्षमता बढ़ाना।
  • तकनीक आधारित सतर्कता प्रणाली विकसित करना।
  • समयबद्ध जाँच सुनिश्चित करना।
  • संस्थागत समन्वय को मजबूत करना।
  • नैतिक प्रशासन एवं ईमानदारी की संस्कृति को प्रोत्साहित करना।

निष्कर्ष

सशक्त भ्रष्टाचार-निरोधक संस्थाएँ पारदर्शी, जवाबदेह एवं नागरिक-केंद्रित शासन की आधारशिला हैं।

प्रश्न 3 (15 अंक)

"नैतिक प्रशासन (Ethical Governance) सुशासन की सफलता का मूल आधार है।" टिप्पणी कीजिए।

उत्तर लिखने के प्रमुख बिंदु

  • नैतिक प्रशासन की अवधारणा।
  • ईमानदारी एवं निष्पक्षता का महत्व।
  • भ्रष्टाचार नियंत्रण में भूमिका।
  • लोकपाल, CVC एवं अन्य संस्थाओं का योगदान।
  • जनविश्वास एवं सुशासन पर प्रभाव।

UPSC Answer Writing Tips

  • उत्तर की शुरुआत अधिनियम की संक्षिप्त परिभाषा से करें।
  • लोकपाल, लोकायुक्त एवं CVC के कार्यों में स्पष्ट अंतर बताइए।
  • उत्तर में महत्त्व, चुनौतियाँ एवं सुधार—तीनों पहलुओं को शामिल करें।
  • शीर्षकों एवं बिंदुवार प्रस्तुति का उपयोग करें।
  • निष्कर्ष में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नैतिक प्रशासन पर बल दें।

मुख्य शब्द

Term Meaning
Lokpal राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक संस्था
Lokayukta राज्य स्तरीय भ्रष्टाचार निरोधक संस्था
CVC केंद्रीय सतर्कता आयोग
Ethical Governance नैतिक एवं उत्तरदायी प्रशासन
Integrity ईमानदारी एवं नैतिक आचरण

30-सेकंड पुनरावृत्ति

  • Lokpal & Lokayuktas Act → 2013.
  • लोकपाल → राष्ट्रीय स्तर की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था।
  • लोकायुक्त → राज्य स्तर की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था।
  • CVC → केंद्रीय सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-निरोधक निगरानी संस्था।
  • GS Paper-II, GS Paper-IV, Essay एवं Interview के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय।

भाग 4 – UPSC प्रारंभिक परीक्षा (MCQs)

प्रश्न 1

लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया था?

  1. 2011
  2. 2012
  3. 2013
  4. 2014
सही उत्तर: C) 2013

प्रश्न 2

लोकपाल का मुख्य कार्य क्या है?

  1. चुनाव कराना
  2. भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जाँच करना
  3. बजट तैयार करना
  4. न्यायालयों का गठन करना
सही उत्तर: B) भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जाँच करना

प्रश्न 3

राज्य स्तर पर भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जाँच करने वाली संस्था कौन-सी है?

  1. लोकसभा
  2. लोकायुक्त
  3. नीति आयोग
  4. वित्त आयोग
सही उत्तर: B) लोकायुक्त

प्रश्न 4

केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) मुख्यतः किससे संबंधित है?

  1. विदेश नीति
  2. केंद्रीय सरकारी संस्थानों में सतर्कता एवं ईमानदारी को बढ़ावा देना
  3. मौद्रिक नीति
  4. जनगणना
सही उत्तर: B) केंद्रीय सरकारी संस्थानों में सतर्कता एवं ईमानदारी को बढ़ावा देना

प्रश्न 5

सुशासन (Good Governance) का सबसे महत्वपूर्ण आधार कौन-सा है?

  1. गोपनीयता
  2. पारदर्शिता एवं जवाबदेही
  3. विलंबित निर्णय
  4. अनियोजित प्रशासन
सही उत्तर: B) पारदर्शिता एवं जवाबदेही

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

विषय मुख्य तथ्य
अधिनियम Lokpal and Lokayuktas Act, 2013
लोकपाल राष्ट्रीय स्तर की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था
लोकायुक्त राज्य स्तर की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था
CVC केंद्रीय सतर्कता आयोग
मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार नियंत्रण, पारदर्शिता एवं जवाबदेही

30-सेकंड पुनरावृत्ति

✅ Lokpal and Lokayuktas Act → 2013

✅ लोकपाल → राष्ट्रीय स्तर की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था।

✅ लोकायुक्त → राज्य स्तर की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था।

✅ CVC → केंद्रीय सरकारी संस्थानों में सतर्कता को बढ़ावा देता है।

✅ पारदर्शिता + जवाबदेही + नैतिक प्रशासन = सुशासन।

आज की प्रेरणा

"ईमानदारी विश्वास पैदा करती है।
पारदर्शिता लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।
जवाबदेही सुशासन की पहचान है।"

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