भारतीय संविधान
भारत सरकार अधिनियम, 1935 (Page 5)
भारत सरकार अधिनियम, 1935 ब्रिटिश संसद द्वारा पारित सबसे व्यापक अधिनियम था, जिसने भारतीय संविधान की नींव रखी।
मुख्य विशेषताएँ
- संघीय ढांचे का प्रस्ताव
- प्रांतीय स्वायत्तता की शुरुआत
- केंद्र और प्रांतों के बीच शक्तियों का विभाजन
- संघीय न्यायालय की स्थापना
- राज्यपाल को व्यापक शक्तियाँ
संघीय व्यवस्था
इस अधिनियम ने ब्रिटिश भारत और देशी रियासतों को मिलाकर संघीय ढांचे का प्रस्ताव रखा, लेकिन यह पूर्ण रूप से लागू नहीं हुआ।
प्रांतीय स्वायत्तता
प्रांतों को अपने आंतरिक प्रशासन में अधिक स्वतंत्रता दी गई।
महत्व
- संविधान का आधार बना
- संघीय सिद्धांतों की शुरुआत
- प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित किया
कमियाँ
- भारत को वास्तविक स्वतंत्रता नहीं मिली
- राज्यपाल के पास अत्यधिक शक्तियाँ
- संघीय प्रणाली पूरी तरह लागू नहीं हुई
परीक्षा फोकस:
भारत सरकार अधिनियम 1935 → भारतीय संविधान की नींव (Prelims में बार-बार पूछा जाता है)
भारत सरकार अधिनियम 1935 → भारतीय संविधान की नींव (Prelims में बार-बार पूछा जाता है)
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