भारत में संसदीय समितियाँ – पूर्ण UPSC अध्ययन श्रृंखला (हिंदी)
भारत में संसदीय समितियाँ – त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स (Quick Revision Sheet)
UPSC Prelims एवं Mains के लिए एक पेज में महत्वपूर्ण पुनरावृत्ति
मुख्य अवधारणा
संसदीय समितियाँ संसद की सहायक संस्थाएँ हैं, जो विधेयकों, नीतियों और सरकारी व्यय की विस्तृत समीक्षा कर जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं।
समितियों के प्रकार
- स्थायी समितियाँ: नियमित एवं स्थायी प्रकृति की
- तदर्थ समितियाँ: विशेष उद्देश्य हेतु अस्थायी
महत्वपूर्ण समितियाँ
- PAC – CAG रिपोर्ट की जाँच
- प्राक्कलन समिति – बजट एवं व्यय समीक्षा
- लोक उपक्रम समिति – सार्वजनिक उपक्रमों की समीक्षा
- विभाग संबंधी समितियाँ – मंत्रालयों और विधेयकों की समीक्षा
मुख्य कार्य
- विधेयकों की जाँच
- वित्तीय निगरानी
- नीति मूल्यांकन
- कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करना
महत्व
- विधायी गुणवत्ता में सुधार
- लोकतांत्रिक संतुलन मजबूत करना
- पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा
मुख्य समस्याएँ
- विधेयकों को समितियों के पास कम भेजना
- कार्यपालिका का प्रभाव
- शोध सहायता की कमी
- पारदर्शिता की सीमाएँ
सुधार
- महत्वपूर्ण विधेयकों की अनिवार्य समिति समीक्षा
- विशेषज्ञ सहायता बढ़ाना
- अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना
- समितियों को पर्याप्त समय देना
महत्वपूर्ण शब्द
जवाबदेही, विधायी समीक्षा, सुशासन, पारदर्शिता, लोकतांत्रिक निगरानी
उत्तर लेखन ढांचा
परिचय → प्रकार → कार्य → समस्याएँ → सुधार → निष्कर्ष
निष्कर्ष
संसदीय समितियाँ भारतीय लोकतंत्र की प्रभावशीलता और जवाबदेही को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
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