शक्तिमाता लर्निंग UPSC मुख्य परीक्षा 2026
प्रीमियम बहुभाषी शैक्षिक इकोसिस्टम – पेज 5
अंतरराष्ट्रीय संबंध • विदेश नीति • वैश्विक सहयोग
प्रश्न 1: भारत की विदेश नीति के प्रमुख उद्देश्यों का विश्लेषण कीजिए।
परिचय
विदेश नीति किसी राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय संबंधों, रणनीतिक हितों तथा वैश्विक सहभागिता का मार्गदर्शन करती है। भारत की विदेश नीति शांति, विकास और राष्ट्रीय हितों की रक्षा पर आधारित है।
मुख्य भाग
- राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा।
- आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देना।
- वैश्विक शांति और स्थिरता को समर्थन।
- बहुपक्षीय संस्थाओं में सक्रिय भागीदारी।
- विकासशील देशों के साथ सहयोग को मजबूत करना।
निष्कर्ष
भारत की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों और वैश्विक उत्तरदायित्वों के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करती है।
प्रश्न 2: वैश्वीकरण के युग में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का महत्व स्पष्ट कीजिए।
परिचय
आज की दुनिया परस्पर निर्भर है। जलवायु परिवर्तन, महामारी, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियों जैसी समस्याओं के समाधान हेतु अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।
मुख्य भाग
- वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा।
- आर्थिक विकास और व्यापार विस्तार।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग।
- मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन।
- सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय सहयोग साझा चुनौतियों के समाधान और वैश्विक समृद्धि का आधार है।
प्रश्न 3: भारत के लिए बहुपक्षवाद (Multilateralism) का क्या महत्व है?
मुख्य भाग
- वैश्विक मंचों पर प्रभावी भागीदारी।
- अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था को समर्थन।
- जलवायु परिवर्तन और व्यापार जैसे मुद्दों पर सहयोग।
- विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करना।
- विश्व शांति और स्थिरता में योगदान।
निष्कर्ष
बहुपक्षवाद भारत को वैश्विक नेतृत्व और सहयोग के अवसर प्रदान करता है।
प्रश्न 4: ‘पड़ोसी प्रथम’ (Neighbourhood First) नीति का महत्व स्पष्ट कीजिए।
मुख्य भाग
- क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा।
- आर्थिक और व्यापारिक संपर्कों का विस्तार।
- सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करना।
- सांस्कृतिक और जन-जन संबंधों को प्रोत्साहन।
- दक्षिण एशिया में भारत की सकारात्मक भूमिका को सुदृढ़ करना।
निष्कर्ष
पड़ोसी देशों के साथ मजबूत संबंध भारत की क्षेत्रीय और वैश्विक रणनीति का महत्वपूर्ण आधार हैं।
मूल्य संवर्धन (Value Addition)
- विदेश नीति – राष्ट्रीय हितों की रक्षा का साधन।
- बहुपक्षवाद – वैश्विक सहयोग की आधारशिला।
- वैश्विक शासन – साझा चुनौतियों का सामूहिक समाधान।
- रणनीतिक साझेदारी – विकास और सुरक्षा का माध्यम।
- कूटनीति – संवाद और सहयोग का प्रभावी उपकरण।
सीखने योग्य गुण (Qualities)
- वैश्विक दृष्टिकोण
- कूटनीतिक समझ
- विश्लेषणात्मक सोच
- नेतृत्व क्षमता
- सहयोग की भावना
- संवाद कौशल
- रणनीतिक सोच
- शांति और सहअस्तित्व की भावना
आज का UPSC विचार
"मजबूत कूटनीति, संतुलित विदेश नीति और वैश्विक सहयोग किसी भी राष्ट्र की दीर्घकालिक प्रगति की कुंजी हैं।"
No comments:
Post a Comment