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UPSC सिविल सेवा परीक्षा – 2026
Complete GS Course
पृष्ठ 5 • भाग 1मौलिक कर्तव्य
GS Paper II | भारतीय राजव्यवस्था | संविधान | UPSC | राज्य लोक सेवा आयोग
आज का विषय
मौलिक कर्तव्य भारतीय संविधान के भाग IVA (अनुच्छेद 51A) में वर्णित नागरिकों के नैतिक एवं संवैधानिक दायित्व हैं। इनका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान तथा जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करना है।
UPSC के लिए यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है?
- GS Paper II का महत्वपूर्ण संवैधानिक विषय।
- UPSC प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा में नियमित प्रश्न।
- मौलिक अधिकार एवं DPSPs के साथ संतुलित अध्ययन।
- नैतिकता, सुशासन एवं नागरिक उत्तरदायित्व से सीधा संबंध।
- साक्षात्कार एवं निबंध के लिए अत्यंत उपयोगी।
संवैधानिक ढांचा
| विषय | विवरण |
|---|---|
| भाग | भाग IVA |
| अनुच्छेद | अनुच्छेद 51A |
| जोड़े गए | 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 |
| अतिरिक्त कर्तव्य | 86वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 |
| कुल कर्तव्य | 11 |
मौलिक कर्तव्यों के प्रमुख उद्देश्य
- संविधान का सम्मान करना।
- राष्ट्रीय ध्वज एवं राष्ट्रगान का सम्मान।
- राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की रक्षा।
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं मानवतावाद का विकास।
- प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण।
- सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा।
- उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास।
- 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना।
वर्तमान संदर्भ में महत्व
डिजिटल नागरिकता, पर्यावरण संरक्षण, संविधान के प्रति सम्मान, महिला सम्मान, सामाजिक सद्भाव, स्वच्छ भारत, जल संरक्षण तथा जिम्मेदार नागरिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में मौलिक कर्तव्यों का महत्व निरंतर बढ़ रहा है।
समसामयिक शासन से संबंध
- स्वच्छ भारत अभियान
- एक भारत श्रेष्ठ भारत
- मिशन LiFE
- पर्यावरण संरक्षण
- डिजिटल नागरिकता
- संवैधानिक नैतिकता
- सक्रिय नागरिक सहभाग
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