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पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और हरित विकास
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परिचय
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास 21वीं सदी की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, जैव विविधता में कमी और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन मानवता के सामने गंभीर चुनौतियाँ प्रस्तुत कर रहे हैं।
1. जलवायु परिवर्तन की चुनौती
जलवायु परिवर्तन पृथ्वी के तापमान, वर्षा पैटर्न और मौसमीय घटनाओं में दीर्घकालिक बदलाव को दर्शाता है।
- ग्लोबल वार्मिंग
- ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन
- समुद्र स्तर में वृद्धि
- चरम मौसम घटनाएँ
2. पर्यावरण संरक्षण
- वन संरक्षण
- जल संरक्षण
- मृदा संरक्षण
- प्रदूषण नियंत्रण
- सतत संसाधन प्रबंधन
3. जैव विविधता का महत्व
जैव विविधता पारिस्थितिक संतुलन, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक स्थिरता का आधार है।
| क्षेत्र | महत्व |
|---|---|
| वन | कार्बन अवशोषण |
| वन्यजीव | पारिस्थितिक संतुलन |
| जल संसाधन | जीवन एवं कृषि |
4. हरित विकास (Green Development)
हरित विकास का उद्देश्य आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है।
- ग्रीन एनर्जी
- ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर
- सर्कुलर इकोनॉमी
- कार्बन न्यूट्रल विकास
5. नवीकरणीय ऊर्जा
- सौर ऊर्जा
- पवन ऊर्जा
- जल विद्युत
- ग्रीन हाइड्रोजन
- बायो एनर्जी
6. आपदा प्रबंधन और जलवायु लचीलापन
बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं के कारण जलवायु अनुकूलन और आपदा तैयारी अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
- पूर्व चेतावनी प्रणाली
- आपदा तैयारी
- लचीला बुनियादी ढाँचा
- समुदाय आधारित प्रबंधन
Quick Revision Notes
- जलवायु परिवर्तन वैश्विक चुनौती है।
- जैव विविधता पर्यावरणीय संतुलन का आधार है।
- हरित विकास = विकास + संरक्षण।
- नवीकरणीय ऊर्जा कार्बन उत्सर्जन कम करती है।
- जलवायु लचीलापन आपदा जोखिम घटाता है।
- सतत विकास दीर्घकालिक समृद्धि सुनिश्चित करता है।
UPSC Mains Practice Questions & Model Answers
प्रश्न 1
जलवायु परिवर्तन भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास को किस प्रकार प्रभावित कर रहा है?
मॉडल उत्तर: जलवायु परिवर्तन कृषि उत्पादन, जल संसाधनों, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे को प्रभावित कर रहा है। इससे सूखा, बाढ़ और आपदाओं की आवृत्ति बढ़ रही है। इसलिए जलवायु अनुकूलन, हरित तकनीक और सतत विकास आवश्यक हैं।
प्रश्न 2
सतत विकास में जैव विविधता संरक्षण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
मॉडल उत्तर: जैव विविधता खाद्य सुरक्षा, औषधीय संसाधन, पारिस्थितिक संतुलन और जलवायु स्थिरता प्रदान करती है। इसके संरक्षण से दीर्घकालिक विकास और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
प्रश्न 3
भारत की ऊर्जा सुरक्षा में नवीकरणीय ऊर्जा का महत्व स्पष्ट कीजिए।
मॉडल उत्तर: सौर, पवन और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे स्रोत आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करते हैं, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाते हैं और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाते हैं।
प्रश्न 4
ग्रीन इकोनॉमी और सर्कुलर इकोनॉमी में क्या अंतर है?
मॉडल उत्तर: ग्रीन इकोनॉमी पर्यावरण-अनुकूल आर्थिक विकास पर बल देती है, जबकि सर्कुलर इकोनॉमी संसाधनों के पुनः उपयोग और अपशिष्ट में कमी पर आधारित होती है।
प्रश्न 5
आपदा प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी क्यों आवश्यक है?
मॉडल उत्तर: स्थानीय समुदाय जोखिमों को बेहतर समझते हैं। उनकी भागीदारी पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और पुनर्वास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाती है।
प्रश्न 6
"पर्यावरणीय स्थिरता के बिना आर्थिक विकास अधूरा है।" टिप्पणी कीजिए।
मॉडल उत्तर: यदि विकास प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर आधारित हो, तो भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों की कमी उत्पन्न होगी। इसलिए आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण का संतुलन आवश्यक है।
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पर्यावरण • जलवायु परिवर्तन • हरित विकास • भविष्य की तैयारी
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