विशेष विषय – UPSC भूगोल सिंॉप्सिस
UPSC Geography Revision | Page 25
प्राकृतिक संसाधन, प्रदूषण एवं सतत विकास
प्राकृतिक संसाधन, प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास आधुनिक भूगोल एवं पर्यावरण अध्ययन के महत्वपूर्ण विषय हैं। यह विषय UPSC तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources)
प्रकृति से प्राप्त वे सभी वस्तुएँ जो मानव उपयोग के लिए लाभदायक हों, प्राकृतिक संसाधन कहलाती हैं।
प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार
नवीकरणीय संसाधन
- सौर ऊर्जा
- पवन ऊर्जा
- जल ऊर्जा
- वन संसाधन
अनवीकरणीय संसाधन
- कोयला
- पेट्रोलियम
- प्राकृतिक गैस
- खनिज
वन संसाधन
वन पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महत्व
- ऑक्सीजन प्रदान करना
- मृदा संरक्षण
- जैव विविधता संरक्षण
- जलवायु संतुलन
जल संसाधन
जल मानव जीवन, कृषि और उद्योगों के लिए आवश्यक संसाधन है।
जल संरक्षण के उपाय
- वर्षा जल संचयन
- ड्रिप सिंचाई
- जल पुनर्चक्रण
खनिज संसाधन
भारत खनिज संसाधनों से समृद्ध देश है।
प्रमुख खनिज
- लौह अयस्क
- बॉक्साइट
- मैंगनीज
- तांबा
प्रदूषण (Pollution)
हानिकारक पदार्थों द्वारा पर्यावरण को दूषित करना प्रदूषण कहलाता है।
प्रदूषण के प्रकार
- वायु प्रदूषण
- जल प्रदूषण
- मृदा प्रदूषण
- ध्वनि प्रदूषण
वायु प्रदूषण
वाहनों, कारखानों और धुएँ से वायु प्रदूषण बढ़ता है।
जल प्रदूषण
औद्योगिक अपशिष्ट और सीवेज जल स्रोतों को प्रदूषित करते हैं।
मृदा प्रदूषण
रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मृदा प्रदूषण होता है।
ध्वनि प्रदूषण
अत्यधिक शोर मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
पर्यावरण संरक्षण
पर्यावरण को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की प्रक्रिया को पर्यावरण संरक्षण कहा जाता है।
पर्यावरण संरक्षण के उपाय
- वृक्षारोपण
- पुनर्चक्रण
- प्लास्टिक उपयोग में कमी
- नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग
सतत विकास (Sustainable Development)
ऐसा विकास जो वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करे और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को प्रभावित न करे।
सतत विकास के लक्ष्य
- प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
- स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
- प्रदूषण नियंत्रण
- पर्यावरण संतुलन बनाए रखना
कार्बन फुटप्रिंट
मानव गतिविधियों से उत्पन्न कुल कार्बन उत्सर्जन को कार्बन फुटप्रिंट कहा जाता है।
ई-वेस्ट (E-Waste)
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से उत्पन्न कचरे को ई-वेस्ट कहा जाता है।
स्वच्छ भारत मिशन
स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई राष्ट्रीय पहल।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)
पर्यावरण संरक्षण से संबंधित मामलों के समाधान के लिए स्थापित संस्था।
महत्वपूर्ण UPSC तथ्य
- सौर ऊर्जा नवीकरणीय संसाधन है
- कोयला अनवीकरणीय संसाधन है
- वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण में सहायक है
- NGT पर्यावरण मामलों से संबंधित संस्था है
- सतत विकास भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा पर आधारित है
त्वरित पुनरावृत्ति बॉक्स
- Natural Resources → प्राकृतिक संसाधन
- Pollution → प्रदूषण
- Sustainable Development → सतत विकास
- Carbon Footprint → कार्बन फुटप्रिंट
- E-Waste → ई-वेस्ट
- NGT → राष्ट्रीय हरित अधिकरण
Mind Map – पर्यावरण एवं संसाधन
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प्राकृतिक संसाधन
- वन संसाधन
- जल संसाधन
- खनिज संसाधन
- प्रदूषण
- पर्यावरण संरक्षण
- सतत विकास
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UPSC Geography Synopsis – Hindi Version
Natural Resources & Sustainable Development 2026