विशेष विषय – UPSC भूगोल सिंॉप्सिस
UPSC Geography Revision | Page 6
प्राकृतिक संसाधन, प्रदूषण, जैव विविधता एवं सतत विकास
प्राकृतिक संसाधन, प्रदूषण, जैव विविधता और सतत विकास पर्यावरण एवं भूगोल के अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। ये विषय मानव जीवन, आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े हुए हैं।
प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources)
प्राकृतिक रूप से प्राप्त संसाधनों को प्राकृतिक संसाधन कहा जाता है।
प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार
- नवीकरणीय संसाधन
- अनवीकरणीय संसाधन
नवीकरणीय संसाधन
वे संसाधन जो पुनः प्राप्त किए जा सकते हैं।
उदाहरण
- सौर ऊर्जा
- पवन ऊर्जा
- जल ऊर्जा
अनवीकरणीय संसाधन
वे संसाधन जो सीमित मात्रा में उपलब्ध होते हैं।
उदाहरण
- कोयला
- पेट्रोलियम
- प्राकृतिक गैस
संसाधनों का संरक्षण
- जल संरक्षण
- वन संरक्षण
- ऊर्जा बचत
- पुनर्चक्रण
प्रदूषण (Pollution)
हानिकारक पदार्थों द्वारा पर्यावरण को दूषित करना प्रदूषण कहलाता है।
प्रदूषण के प्रकार
- वायु प्रदूषण
- जल प्रदूषण
- मृदा प्रदूषण
- ध्वनि प्रदूषण
वायु प्रदूषण
वाहनों, कारखानों और धुएँ के कारण वायु प्रदूषण होता है।
प्रभाव
- श्वसन रोग
- जलवायु परिवर्तन
- अम्लीय वर्षा
जल प्रदूषण
जल स्रोतों में हानिकारक पदार्थों के मिल जाने से जल प्रदूषण होता है।
कारण
- औद्योगिक अपशिष्ट
- सीवेज
- रासायनिक उर्वरक
जैव विविधता (Biodiversity)
पृथ्वी पर पाए जाने वाले जीव-जंतुओं और पौधों की विविधता को जैव विविधता कहते हैं।
जैव विविधता का महत्व
- पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना
- औषधीय संसाधन प्रदान करना
- खाद्य सुरक्षा
- पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाना
जैव विविधता हॉटस्पॉट
ऐसे क्षेत्र जहाँ जैव विविधता अधिक होती है और संरक्षण की आवश्यकता होती है।
भारत के प्रमुख हॉटस्पॉट
- पश्चिमी घाट
- पूर्वी हिमालय
- इंडो-बर्मा क्षेत्र
वन्यजीव संरक्षण
वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा को वन्यजीव संरक्षण कहा जाता है।
महत्वपूर्ण उपाय
- राष्ट्रीय उद्यान
- वन्यजीव अभयारण्य
- बायोस्फीयर रिजर्व
सतत विकास (Sustainable Development)
ऐसा विकास जो वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करे और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को प्रभावित न करे, सतत विकास कहलाता है।
सतत विकास के उद्देश्य
- पर्यावरण संरक्षण
- संसाधनों का संतुलित उपयोग
- गरीबी उन्मूलन
- स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग
जलवायु परिवर्तन (Climate Change)
दीर्घकालिक जलवायु परिवर्तन को जलवायु परिवर्तन कहा जाता है।
कारण
- ग्रीनहाउस गैसें
- वनों की कटाई
- औद्योगिकीकरण
वैश्विक तापन (Global Warming)
पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि को वैश्विक तापन कहा जाता है।
महत्वपूर्ण UPSC तथ्य
- सौर ऊर्जा नवीकरणीय संसाधन है
- कोयला अनवीकरणीय संसाधन है
- पश्चिमी घाट जैव विविधता हॉटस्पॉट है
- वैश्विक तापन जलवायु परिवर्तन से जुड़ा है
- सतत विकास पर्यावरण संरक्षण पर आधारित है
त्वरित पुनरावृत्ति बॉक्स
- Natural Resources → प्राकृतिक संसाधन
- Pollution → प्रदूषण
- Biodiversity → जैव विविधता
- Global Warming → वैश्विक तापन
- Climate Change → जलवायु परिवर्तन
- Sustainable Development → सतत विकास
Mind Map – पर्यावरण एवं संसाधन
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पर्यावरण
- प्राकृतिक संसाधन
- प्रदूषण
- जैव विविधता
- वन्यजीव संरक्षण
- जलवायु परिवर्तन
- सतत विकास
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UPSC Geography Synopsis – Hindi Version
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